संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/3नवंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के अंतर्गत जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी इन दिनों आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यह प्रदर्शनी राज्य की 25 वर्षों की जल यात्रा और सिंचाई विकास की जीवंत कहानी बयां कर रही हैं।राज्य के गठन के समय जहां सिंचाई क्षमता मात्र 13.28 लाख हेक्टेयर थी, वहीं अब यह बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई हैं — यानी 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि, जो कि 61 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हैं। सिंचाई का प्रतिशत भी 23.28% से बढ़कर 38.15% तक पहुंच गया हैं।
🟠आकर्षक मॉडल बने प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण
प्रदर्शनी में लगे इंटरएक्टिव नक्शे, जलाशय मॉडल और नहर तंत्र दर्शकों को सिंचाई परियोजनाओं की संरचना और उनके लाभों से अवगत करा रहे हैं। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों की बड़ी संख्या इन मॉडलों को देखने उमड़ रही हैं।यहां अटल सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के साथ-साथ मैनी नदी पर प्रस्तावित सौर चालित बगिया दाबित सिंचाई परियोजना, खारंग जलाशय पाराघाट व्यपवर्तन योजना, छपराटोला फीडर जलाशय योजना और मोहमेला सिरपुर बैराज परियोजना जैसे मॉडलों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया हैं।
राज्य की भावी योजनाओं जैसे सिकासार-कोडार लिंक परियोजना, बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना के जीवंत मॉडल भी प्रदर्शनी की शोभा बढ़ा रहे हैं।
🟠जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ का परचम देशभर में लहराया
🔸️राज्य ने 4,05,563 जल संरक्षण कार्यों के साथ देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया हैं।
🔸️रायपुर नगर निगम ने 33,082 जल संरक्षण कार्य पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया हैं, जिसके लिए उसे ₹2 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
🔸️इसी प्रकार बालोद और राजनांदगांव जिलों को भी उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए 2-2 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
🔸️महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, सूरजपुर और दुर्ग जिलों को भी राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ हैं — जो छत्तीसगढ़ की जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण नीति की सफलता को प्रमाणित करता हैं।
🟠राज्य के गठन से अब तक की जल प्रगति:
🔸️वृहद परियोजनाएँ: 3 से बढ़कर 8
🔸️मध्यम परियोजनाएँ: 29 से बढ़कर 38
🔸️लघु योजनाएँ: 1945 से बढ़कर 2514
🔸️नहरों की कुल लंबाई: 14,381 किमी से बढ़कर 19,371 किमी
🔸️कुल नहरें: 3,993 से बढ़कर 5,458
यह प्रदर्शनी न केवल विकास की कहानी बयां कर रही हैं,बल्कि छत्तीसगढ़ को जल प्रबंधन और संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य साबित कर रही हैं।












