संदिली सिंह,चंद्रपुर,छत्तीसगढ़,15जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
शासकीय नवीन महाविद्यालय गोपालपुर,चंद्रपुर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया,जब प्रभारी प्राचार्य चरण दास बर्मन ने,अपने ही महाविद्यालय के एक सहायक प्राध्यापक और एक अतिथि व्याख्याता पर जातिगत गाली-गलौज,योजनाबद्ध मारपीट और जान से मारने की नीयत से हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इस मामले में थाना चंद्रपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई हैं,जिसके बाद शिक्षा जगत में भारी रोष व्याप्त हैं।
🟠परीक्षा कार्य के दौरान हुआ विवाद
प्रभारी प्राचार्य द्वारा दी,गई जानकारी के अनुसार,15 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 11.45 बजे वे अपने प्राचार्य कक्ष में विश्वविद्यालयीन मुख्य परीक्षा 2026 से संबंधित गोपनीय कार्य,जैसे प्रश्नपत्र निर्माण, में व्यस्त थे। इसी दौरान हिंदी विषय के अतिथि व्याख्याता डॉ. लक्ष्मी प्रसाद कर्ष पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब को लेकर प्राचार्य कक्ष पहुंचे। बातचीत के दौरान राजनीति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. ऋषि कुमार चन्द्रा भी वहां आ गए।
🟠मारपीट की पहले से थी साजिश: आरोप
प्राचार्य बर्मन का आरोप हैं,कि बातचीत के दौरान डॉ. ऋषि कुमार चन्द्रा ने प्राचार्य कक्ष के बाहर खड़े होकर, मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। जब इसका विरोध किया गया और रिकॉर्डिंग बंद करने को कहा गया,तो दोनों शिक्षकों ने कथित रूप से जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया हैं,कि दोनों आरोपी पहले से मारपीट की नीयत से योजना बनाकर आए थे।
🟠दांत से उंगली काटने का गंभीर आरोप
शिकायत के अनुसार, इसके बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर प्रभारी प्राचार्य पर हमला कर दिया। आरोप हैं, कि इस दौरान डॉ. ऋषि कुमार चन्द्रा ने दाहिने हाथ की उंगली को दो बार दांत से काटा, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। यह पूरी घटना प्राचार्य कक्ष के बाहर घटित हुई। हमले के दौरान प्रभारी प्राचार्य ने अपनी जान बचाने के लिए जोर-जोर से शोर मचाया।
🟠स्टाफ के हस्तक्षेप से टली बड़ी अनहोनी
शोर सुनकर कॉलेज के कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। गुलाम ए जफर, मोरध्वज दर्शन,अनिल कुमार,गुरुचरण मेहर,विवेक कुमार यादव, शिवचरण लक्ष्मे, राजेश पटेल, डॉ. मंजू, नीलम मिरी, पूजा चौधरी, ललिता केवट, अन्नू कुमार उरांव सहित अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह स्थिति को संभालते हुए दोनों आरोपियों को अलग किया।
🟠प्राचार्य ने जताई सुरक्षा की चिंता
प्रभारी प्राचार्य ने शिकायत में कहा हैं,कि यदि समय रहते स्टाफ नहीं पहुंचता,तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उन्होंने बताया,कि घटना के बाद से वे भय और असुरक्षा के माहौल में हैं,तथा भविष्य में दोबारा ऐसी घटना होने की आशंका भी जता रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल सुरक्षा प्रदान करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की हैं।
🟠शिक्षा जगत में रोष, पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
शैक्षणिक संस्थान जैसे पवित्र स्थान में इस तरह की जातिगत गाली-गलौज और हिंसा की घटना सामने आने से शिक्षा जगत में आक्रोश और भय का माहौल हैं। फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन हैं, और अब जिलेभर की नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।












