संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,10फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।समारोह को संबोधित करते हुए,अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद या नक्सलवाद नहीं,बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति, कला और विरासत हैं। उन्होंने कहा,कि बस्तर पंडुम ने खान-पान, गीत, नृत्य, नाटक, वेशभूषा, परंपरा और वन औषधि सहित 12 विधाओं के माध्यम से बस्तर की संस्कृति को पुनर्जीवित किया हैं।
🟠55 हजार आदिवासियों की सहभागिता, नक्सल भय से मुक्ति का संकेत
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा,कि कभी नक्सलियों के डर से सहमे रहने वाले बस्तर में आज 55 हजार आदिवासियों की भागीदारी यह प्रमाण हैं,कि बस्तर अब नक्सल भय से मुक्त हो रहा हैं। उन्होंने बताया,कि इस वर्ष सात जिलों की 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपद मुख्यालयों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
🟠बस्तर की संस्कृति पूरे भारत की धरोहर
शाह ने कहा कि बस्तर जैसी कला और संस्कृति विश्व में दुर्लभ हैं। यह केवल बस्तर ही नहीं,बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा,कि सरकार बस्तर की कला, नृत्य और आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
🟠राष्ट्रपति भवन में मिलेगा सम्मान
अमित शाह ने बताया कि बस्तर पंडुम की सभी 12 विधाओं में शीर्ष तीन स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां वे अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
🟠नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील
गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा,कि जो नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका सम्मानपूर्वक पुनर्वासन करेगी, लेकिन जो हथियार उठाएंगे, उनका जवाब हथियार से ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का मूल उद्देश्य आदिवासी किसानों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हैं।
🟠विकास, रोजगार और पर्यटन का नया दौर
अमित शाह ने कहा कि अगले 5 वर्षों में बस्तर देश के सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्रों में शामिल होगा। नई पर्यटन गतिविधियां, एडवेंचर टूरिज्म, होम-स्टे, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी योजनाएं रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी।उन्होंने बताया कि 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
🟠बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में बंद पड़े स्कूल, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र फिर से शुरू हो चुके हैं। गांव-गांव सड़क, मोबाइल टावर, पोस्ट ऑफिस और बैंक की सुविधाएं पहुंच रही हैं। कई गांवों में चार दशक बाद तिरंगा फहराया गया, जो बड़े बदलाव का संकेत हैं।
🟠बस्तर जल्द होगा नक्सल मुक्त
अमित शाह ने विश्वास जताया,कि निर्धारित समय सीमा में बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने वाले सुरक्षाबलों को बस्तर की जनता की ओर से धन्यवाद दिया और शहीद जवानों के परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।












