संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,18फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक प्राप्त करने वाली मुंगेली की सुप्रिया सिंह को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उन्हें और उनके परिजनों को बधाई दी तथा मुँह मीठा कराकर शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।मुख्यमंत्री ने कहा,कि सुप्रिया की सफलता यह संदेश देती हैं,कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवा भी असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकता हैं। उन्होंने युवाओं से सुप्रिया से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार भी उपस्थित रहे।
🟠देशसेवा का संकल्प, सफलता की उड़ान
उल्लेखनीय हैं,कि मुंगेली जिले के ग्राम टेढ़ाधौंरा की 23 वर्षीय सुप्रिया सिंह ने सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया हैं। वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए चयनित हुई हैं।उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता हैं,बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली प्रेरक कहानी भी हैं।
🟠साधारण परिवेश से असाधारण उपलब्धि तक
किसान परिवार से आने वाली सुप्रिया की माता संतोषी सिंह श्रीनेत और पिता वैदेही शरण सिंह ने उन्हें शिक्षा और संस्कारों का मजबूत आधार दिया। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की।बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन) की पढ़ाई के दौरान उन्होंने एनसीसी जॉइन किया और जूनियर अंडर ऑफिसर के पद तक पहुँचीं। एनसीसी प्रशिक्षण ने उनके भीतर अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत किया।
🟠दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम
वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग पूर्ण करने के बाद सुप्रिया ने पूरी एकाग्रता के साथ सीडीएस परीक्षा की तैयारी की। कठोर परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत आयोजित एसएसबी साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए,ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की।शैक्षणिक और सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ सुप्रिया सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। नृत्य उनकी प्रमुख रुचि हैं,जो उनके व्यक्तित्व को ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता हैं।सुप्रिया सिंह श्रीनेत की यह सफलता मुंगेली ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन गई हैं।












