न्यूज डेस्क,स्पेशल रिपोर्ट,रायपुर/छत्तीसगढ़/26सितंबर2025—Nexis News
26 सितंबर 2025, शुक्रवार को शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन मनाया जा रहा है। यह दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप — मां स्कंदमाता को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि मां स्कंदमाता की उपासना करने से भक्तों को ज्ञान, शक्ति, समृद्धि और संतान सुख प्राप्त होता है। साथ ही, जीवन से नकारात्मकता का नाश होता है और मोक्ष की राह भी प्रशस्त होती है।
🟠मां स्कंदमाता का महत्व
मां स्कंदमाता को करुणा और ममता की देवी माना जाता है। वे भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं और इसी कारण उन्हें “स्कंदमाता” कहा जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि मां स्कंदमाता की पूजा करने से भक्त की सभी बाधाएं दूर होती हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
माना जाता है कि इस दिन मां की आराधना करने वाले साधक का मन अत्यंत शांत और तेजस्वी बन जाता है। उनका जीवन सकारात्मक ऊर्जा से भर उठता है और आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।
🟠मां स्कंदमाता का स्वरूप
🔸मां स्कंदमाता शेर की सवारी करती हैं, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है।
🔸उनके चार भुजाएं हैं।
🔸एक भुजा में वे भगवान स्कंद (कार्तिकेय) को अपनी गोद में विराजमान किए रहती हैं।
🔸एक हाथ वर मुद्रा में है, जिससे वे अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
🔸एक हाथ में कमल का फूल धारण किए रहती हैं।
उनका यह स्वरूप “कमलासन” और “पद्मासना” कहलाता है।
🔸मां स्कंदमाता का मुखमंडल तेजोमय और शांत है, जो भक्तों पर मां का स्नेह बरसाता है।
🟠पूजा विधि (26 सितंबर 2025 पंचमी पूजा विधि)
🔸स्नान और शुद्धि – प्रातःकाल स्नान करें और पीले या सफेद वस्त्र धारण करें।
🔸पूजा स्थल सजाएं – पूजा स्थान को साफ करें और मां स्कंदमाता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
🔸दीप प्रज्वलित करें – घी का दीपक जलाएं और धूप, अगरबत्ती जलाकर मां की आराधना शुरू करें।
🔸भोग अर्पित करें –
केले से बने पकवान (जैसे केला हलवा),दूध,मिश्री,गुड़ और फल चढ़ाएं।
🔸मंत्र जाप – मां स्कंदमाता का बीज मंत्र 108 बार जपें:
“ॐ देवी स्कंदमातायै नमः”
🔸आरती और पाठ – आरती करें और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
🟠पंचमी के विशेष योग
इस वर्ष पंचमी पर विशेष शुभ संयोग बन रहे हैं, जिनमें—
🔸सर्वार्थ सिद्धि योग
🔸रवि योग
🔸आयुष्मान योग
इन तीनों योगों का मिलना इस दिन की पूजा को और अधिक फलदायी बनाता है।
🟠शुभ रंग और महत्व
🔸पंचमी का शुभ रंग पीला है।
🔸पीले वस्त्र पहनकर मां स्कंदमाता की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
🔸यह रंग ज्ञान, सकारात्मकता और शांति का प्रतीक है।
🟠मां स्कंदमाता की कृपा से मिलने वाले फल
🔸घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
🔸नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
🔸संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों को मां की कृपा से संतान सुख मिलता है।
🔸साधक के जीवन में आत्मबल, तेज और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
🟠निष्कर्ष
नवरात्रि का पांचवां दिन केवल पूजा का अवसर ही नहीं, बल्कि आत्मशक्ति, ज्ञान और करुणा से जीवन को संवारने का भी पर्व है। मां स्कंदमाता की सच्चे मन से की गई आराधना से जीवन की हर कठिनाई दूर होती है और हर कार्य में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
नवरात्रि पंचमी 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं!












