न्यूज डेस्क,स्पेशल रिपोर्ट,रायपुर/छत्तीसगढ़/27सितंबर2025—Nexis News
छत्तीसगढ़ के सुंदर और हरियाली से आच्छादित रामानुजगंज नगर में एक ऐसी जगह है, जिसे कभी पर्यटन का नगीना बनाने की कल्पना की गई थी — वन विभाग की वन वाटिका। यह सिर्फ एक पार्क नहीं, बल्कि शहर के लोगों के लिए एक जीवनदायिनी साँस लेने की जगह थी। आसपास के राज्यों झारखंड और उत्तर प्रदेश से भी लोग यहाँ सुकून के पल बिताने आते थे। लेकिन आज यह वाटिका बर्बादी की दास्तां बनकर रह गई है।
🟠कभी था जीवन से भरा परिसर, अब वीरान और उपेक्षित
वन वाटिका की नींव एक उद्देश्य के साथ रखी गई थी — शहरी और ग्रामीण जनों को प्रकृति से जोड़ना, बच्चों को खेलने की खुली जगह देना, और बाहरी पर्यटकों को प्राकृतिक पर्यटन का अनुभव कराना। यहां तालाब नहीं, एक सुंदर बांध है। उसके चारों ओर हरियाली, लाइटिंग, झूले, बैठने की व्यवस्था, टहलने के पथ – सबकुछ था।
बच्चों के लिए झूले टूट चुके हैं, लाइटिंग व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, और पूरे परिसर में अब उपेक्षा और अराजकता का साम्राज्य है।

🟠अब बना नशेड़ियों व जुआरियों का अड्डा – परिवारों की दूरी
वर्तमान में इस वाटिका में नशेड़ी, शराबी, जुआड़ी और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा आम बात हो गई है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि सुबह टहलने या शाम को घूमने जाना अब असुरक्षित लगता है। कई बार झगड़े, छेड़छाड़, चोरी जैसे मामलों की खबरें सामने आई हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है।

🟠रेस्ट हाउस भी बना शोपीस – रिसॉर्ट और रुकने की कोई व्यवस्था नहीं

वन विभाग द्वारा एक रेस्ट हाउस बनवाया गया था, लेकिन आज वह सिर्फ एक बेकार ढांचा बनकर रह गया है। यदि सरकार चाहे तो यहां वन रिसॉर्ट, हंटिंग फोटोग्राफी डेक, फ्लोटिंग हट्स, और नौकायन जैसी गतिविधियाँ शुरू कर राजस्व अर्जन किया जा सकता है।
🟠संभावनाएँ अब भी ज़िंदा हैं – पर ज़रूरत है संजीदा पहल की
🟠यह क्षेत्र पर्यावरणीय और आर्थिक दृष्टि से अमूल्य धरोहर है। यदि यहां:
🔸बांध के चारों ओर सौंदर्यीकरण,
🔸सौर ऊर्जा से लाइटिंग पुनर्स्थापना,
🔸पर्यटक सूचना केंद्र,
🔸रेस्टोरेंट व कैफे,
🔸बोटिंग और बच्चों के एडवेंचर जोन,
और सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए, तो रामानुजगंज एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
🟠अब सवाल यह है…
वन विभाग इस उपेक्षा पर कब जागेगा?
क्या प्रशासन इस बेहतरीन संसाधन को फिर से जीवंत करेगा?
क्या रामानुजगंज पर्यटन के नक्शे पर उभरेगा या यह अवसर भी गुमनामी में खो जाएगा?
🟠प्रशासन और वन विभाग को Nexis News की खुली चुनौती:
👉 क्या अब भी आप आँखें मूँदकर बैठेंगे?
👉 पर्यटन, रोजगार और पर्यावरण — तीनों का फायदा सामने है, फिर भी कोई कदम क्यों नहीं?
🟠जनता की मांगें:
1. वन वाटिका की तत्काल सफाई और मरम्मत कराई जाए
2. लाइटिंग, बच्चों के झूले, सुरक्षा गार्ड की बहाली हो
3. बाँध के आसपास नाव विहार, रिज़ॉर्ट, कैफे, गाइड सुविधा शुरू हो
4. रेस्ट हाउस को फिर से पर्यटक उपयोग के लायक बनाया जाए
5. पर्यटन विभाग, वन विभाग और प्रशासन मिलकर इसे आधुनिक पर्यटन केंद्र बनाएं
Nexis News की सीधी अपील – अब और देरी नहीं!
वन वाटिका को बचाइए!
पर्यटन को बढ़ाइए!
शहर को नई पहचान दिलाइए!












