संदिली सिंह,रायपुर,4अगस्त 2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
रायपुर–जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का भव्य शुभारंभ, 8 घंटे में पूरा होगा सफर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष पहल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से, छत्तीसगढ़ में रेल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह ने, 3अगस्त 2025 रविवार को, राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर–जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शुभारंभ के इस मौके पर, गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली जुड़े। इसी समारोह में, रीवा–पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस और भावनगर टर्मिनस–अयोध्या एक्सप्रेस का भी शुभारंभ किया गया।
🟠रेलवे में अभूतपूर्व निवेश:
मुख्यमंत्री साय ने बताया, कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल बजट 21 गुना बढ़ा है।वर्ष 2025–26 में राज्य को 6,900 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ है, जबकि वर्तमान में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की, रेल परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। इन परियोजनाओं से न केवल रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा, बल्कि यात्री सुविधाओं में भी क्रांतिकारी सुधार होगा।
उन्होंने कहा, कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़ रुपये की लागत से, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इन स्टेशनों में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े स्टेशन भी शामिल हैं, जहां यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं।
🟠बस्तर को मिली नई सौगात:
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया, कि बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को भी प्रधानमंत्री मोदी ने, नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट–जगदलपुर रेल परियोजना सहित, कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा, कि रायपुर–जबलपुर वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। यह सेवा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के प्रमुख आस्था और पर्यटन स्थलों—जैसे माँ बमलेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट—को सीधे जोड़ेगी।
🟠क्षेत्रीय संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा:
पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा, कि यह ट्रेन लगभग 410 किलोमीटर की दूरी केवल 8 घंटे में तय करेगी। इससे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच संपर्क बेहतर होगा और यात्री आसानी से गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर की यात्रा कर पाएंगे। डॉ. सिंह ने कहा, कि इस सेवा से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति मिलेगी।
🟠ट्रेन संचालन समय और कोच संरचना:
🔸️गाड़ी संख्या 11701: रायपुर से 2:45 अपराह्न प्रस्थान, जबलपुर आगमन 10:45 रात्रि।
🔸️गाड़ी संख्या 11702: जबलपुर से 6:00 प्रातः प्रस्थान, रायपुर आगमन 1:50 अपराह्न।
🔸️कोच संरचना: 1 एसी चेयर कार, 4 चेयर कार, 8 सामान्य कोच, 1 पावर कार, 1 एसएलआरडी कोच — कुल 15 कोच।
🟠पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच:
इस ट्रेन सेवा से रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व वाले शहरों तक पहुंच आसान होगी। पर्यटक अब नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे स्थलों तक अधिक सुविधाजनक तरीके से पहुंच पाएंगे।
🟠रेलवे का विज़न:
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने कहा, कि रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ सुरक्षित, आरामदायक और सुलभ यात्रा की दिशा में एक अहम कदम है। यह सेवा न केवल यात्रियों को बेहतर विकल्प देगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।












