संदिली सिंह,रायगढ़,14सितंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
पूँजीपथरा थाना पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए,अवैध रेत खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और रेत से लदी एक हाईवा (CG 13 AV 9613) को जब्त किया। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ,कि यह वाहन घरघोड़ा क्षेत्र के कुख्यात बालू खनन सिंडिकेट से जुड़ा हुआ हैं, जिस पर लंबे समय से राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना हैं,कि राजनीतिक सरपरस्ती और प्रशासनिक मिलीभगत के कारण यह सिंडिकेट वर्षों से खुलेआम रेत की चोरी कर रहा हैं। क्षेत्र में रेत माफिया इतने बेखौफ हैं,कि न तो कानून का डर हैं,और न ही प्रशासन की सख्त नीतियों का कोई असर दिखाई देता हैं।
🟠पुलिस ने की सख्त कार्रवाई
पुलिस ने वाहन जब्ती के बाद मामले में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 (MMDR Act) की धारा 21(5) के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी हैं। साथ ही चोरी और साजिश जैसे गंभीर अपराधों को देखते हुए,भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 379 (चोरी) और 120B (षड्यंत्र) के तहत भी केस दर्ज हो सकता हैं।
🟠सरकार की नई नीति भी बेअसर?
राज्य सरकार ने हाल ही में अवैध रेत खनन रोकने के लिए पारदर्शी नीलामी, ऑनलाइन परमिशन सिस्टम और जिला खनिज संस्थान के जरिए,सख्त निगरानी की व्यवस्था लागू की थी। बावजूद इसके, अवैध रेत कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा हैं।
स्थानीय जनता और विपक्ष का आरोप हैं,कि प्रशासन और नेताओं की मिलीभगत के कारण ये नीतियां सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
🟠जनता और विपक्ष के सवाल:
🔸️खुलेआम हो रही रेत चोरी पर कार्रवाई क्यों नहीं?
🔸️पुलिस और नेताओं पर मिलीभगत के आरोपों की जांच कब होगी?
🔸️सरकार की नई नीतियों का असर जमीन पर क्यों नहीं दिखता?
अब देखना यह होगा,कि पुलिस प्रशासन इन आरोपों के बीच बालू माफिया पर वास्तव में सख्त कार्रवाई करता हैं या राजनीतिक संरक्षण के साए में यह सिंडिकेट पहले की तरह ही सक्रिय बना रहेगा।












