संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/4नवंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर,राजधानी रायपुर में भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) ने स्कूली बच्चों से मुलाकात कर उन्हें नई ऊंचाइयों पर उड़ने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जहाँ बच्चों में जोश और गर्व का अद्भुत संगम देखने को मिला।
टीम के जांबाज़ पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों ने बच्चों से संवाद करते हुए अनुशासन, सटीकता और टीमवर्क के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया,कि आकाश में दिखने वाले करतब केवल कौशल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि साहस, एकाग्रता और धैर्य की पराकाष्ठा हैं।
टीम के सदस्यों ने कहा — “हर उड़ान केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्र के सम्मान और गौरव का प्रतीक होती हैं। यदि आप दिल से मेहनत करें, तो कोई सपना असंभव नहीं।”
🟠बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे —
🔸️उड़ान के दौरान पायलटों के बीच कितनी दूरी रहती है?
🔸️मौसम उड़ान को कैसे प्रभावित करता है?
🔸️‘हार्ट’ और ‘एरोहेड’ जैसे फॉर्मेशन कैसे बनते हैं?
टीम के सदस्यों ने हर सवाल का जवाब मुस्कुराते हुए और सरल शब्दों में दिया। इस संवाद से बच्चों में आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना और गहरी हो गई।टीम ने यह भी बताया,कि भारतीय वायुसेना में शामिल होने के लिए न केवल शारीरिक रूप से मजबूत होना जरूरी है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और वैज्ञानिक सोच भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के अंत में सूर्यकिरण टीम ने सभी विद्यार्थियों को 5 नवम्बर को नवा रायपुर में आयोजित होने वाले “एरोबैटिक शो” में आमंत्रित किया — ताकि वे भारतीय वायुसेना के पराक्रम और कौशल का सजीव प्रदर्शन देख सकें।












