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वसंत पंचमी 2026 : ज्ञान और कला के रंग में रंगा देश,पीली आभा से दमक उठे मंदिर और विद्यालय

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,23जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

सर्द हवाओं की विदाई और ऋतुराज वसंत के स्वागत के साथ आज पूरा देश ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती की आराधना में लीन नजर आया। मंदिरों में घंटियों की गूंज, विद्यालयों में बच्चों की किलकारियां और हर ओर बिखरी बसंती (पीली) आभा ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

वसंत पंचमी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश हैं। यही वजह हैं,कि आज का दिन विद्यार्थियों, शिक्षकों, कलाकारों और साधकों के लिए विशेष महत्व रखता हैं।

🟠विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में उल्लास

सुबह से ही स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में अलग ही रौनक देखने को मिली। छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधानों में, हाथों में फूल और प्रसाद लेकर मां शारदा का आशीर्वाद लेने पहुंचे।

“या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता…”

के मंत्रोच्चार के साथ हवन, पूजन और आरती का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने अपनी किताबों, कलम और वाद्य यंत्रों की विधिवत पूजा कर विद्या पथ पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

🟠बसंती रंग का विशेष महत्व

🔸️वसंत पंचमी पर पीले रंग की छटा हर जगह देखने को मिलती हैं।

🔸️प्रकृति: खेतों में सरसों के पीले फूल लहलहा उठे।

🔸️परिधान: श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर पूजा में शामिल हुए।

🔸️भोग: मां सरस्वती को मीठे पीले चावल, बूंदी के लड्डू और केसरिया भात का भोग अर्पित किया गया।

🔸️धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान और गुरु ग्रह (Jupiter) का प्रतीक माना जाता हैं।

🟠अबूझ मुहूर्त और विद्यारंभ संस्कार

शास्त्रों में वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना गया हैं, यानी आज के दिन बिना पंचांग देखे शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इसी कारण कई घरों में नन्हे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार (पाटी पूजा) संपन्न हुआ।

बच्चों ने पहली बार स्लेट पर “ॐ” लिखकर शिक्षा की दुनिया में कदम रखा।

🟠कला, संगीत और साहित्य साधकों का पर्व

यह दिन केवल छात्रों के लिए ही नहीं,बल्कि संगीतकारों, लेखकों, चित्रकारों और नृत्य साधकों के लिए भी बेहद खास रहा। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया,जहाँ शास्त्रीय संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मां वीणावादिनी को नमन किया गया।

🟠निष्कर्ष

वसंत पंचमी हमें यह सिखाती हैं,कि जैसे पतझड़ के बाद वसंत आता हैं,वैसे ही ज्ञान जीवन में नई ऊर्जा, आशा और उल्लास भर देता हैं।

हमारी पूरी टीम की ओर से आप सभी पाठकों को सरस्वती पूजा एवं वसंत पंचमी 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।

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