संदिली सिंह,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,4फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। जिले की महिलाएं अब केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं रह गई हैं,बल्कि विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत संचालित ‘बिहान योजना’ महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत रामनगर की निवासी अनिता ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से सफलता की मिसाल कायम की हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी,बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हुए ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाई हैं।स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले अनिता कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर थीं। सीमित आय के कारण परिवार की वार्षिक आमदनी लगभग 40 हजार रुपये ही थी,जिससे दैनिक जरूरतों की पूर्ति भी कठिन हो जाती थी।
बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें समूह के माध्यम से बैंक ऋण के रूप में 1 लाख रुपये तथा सामुदायिक निवेश निधि से 50 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने कृषि कार्य के साथ-साथ किराना दुकान संचालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियां प्रारंभ कीं।
एनआरएलएम टीम के सतत मार्गदर्शन और अपनी मेहनत के बल पर अनिता आज लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में उनकी आय पूर्व की तुलना में दोगुनी हो चुकी है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई हैं,और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया हैं।अनिता ने अपनी सफलता का श्रेय स्व-सहायता समूह, बिहान योजना एवं शासन-प्रशासन को देते हुए आभार व्यक्त किया है। वे आज न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।












