संदिली सिंह,जगदलपुर,छत्तीसगढ़,7फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के शुभारंभ अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं ने विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ की भव्य प्रस्तुति देकर समूचे परिसर को लोक-संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस मनोहारी नृत्य का तन्मयता से अवलोकन किया।
‘दंडामी माड़िया’ जनजाति द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य में पारंपरिक वेशभूषा, गौर के सींगों से सजे मुकुट, ढोल-नगाड़ों की थाप और घुंघरुओं की गूंज ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुरुष नर्तकों की ऊर्जावान मुद्राएं और महिला नर्तकियों की लयबद्ध ताल ने बस्तर की आदिम संस्कृति, साहस और प्रकृति से जुड़ाव को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में हुई यह प्रस्तुति बस्तर की जनजातीय परंपराओं, लोक-कला और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से दर्शाने का प्रतीक बनी।












