संदिली सिंह,केन्दुझर,13फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
सूख चुके खंडाधार जलप्रपात से 24 घंटे के भीतर फिर जलधारा बहने लगी,जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।केन्दुझर के डीएफओ एच.डी. धनराज ने स्पष्ट किया,कि पिछले दो दिनों से जलप्रपात में पानी का प्रवाह नहीं था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय किसानों द्वारा झरने का पानी खेती के लिए रोक लेने के कारण जलप्रपात का प्रवाह अस्थायी रूप से कम हो गया था।
🟠खेती के लिए रोका गया था पानी
डीएफओ के अनुसार, जलप्रपात के सूखने की खबर के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से निरीक्षण के निर्देश जारी किए गए थे। जांच में पाया गया,कि कादकला क्षेत्र के हल्दीपानी गांव के किसान गर्मी और सूखे की स्थिति को देखते हुए खेती के लिए पानी रोक रहे थे, जिससे जलधारा प्रभावित हुई। फिलहाल पानी का प्रवाह पुनः सामान्य हो गया हैं।
🟠खनन और पर्यावरण पर उठे सवाल
हालांकि, जलप्रपात क्षेत्र में जंगलों की कटाई, अवैध लकड़ी तस्करी और मैंगनीज खनन को लेकर उठ रहे सवालों पर विभागीय अधिकारी ने कोई टिप्पणी नहीं की। स्थानीय लोगों का आरोप हैं,कि क्षेत्र में पहले भी अवैध कटाई और खनन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।बुद्धिजीवियों का मानना हैं,कि पहाड़ी क्षेत्र में हो रहे खनन कार्यों का पर्यावरण पर दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हैं, जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों पर भी असर पड़ता हैं।












