संदिली सिंह,रायपुर,29अगस्त2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक अंतर्गत जयपुर पीव्ही 51 ग्राम पंचायत में विकास कार्य के नाम पर सरकारी धन का गबन करने का मामला सामने आया हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया,कि पुलिया निर्माण के लिए लगभग 5 लाख रुपये आहरण किए जाने के बावजूद सात महीने से काम अधूरा पड़ा हैं, जिससे उन्हें रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
ग्रामीणों का कहना हैं,कि वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत जयपुर पीव्ही 51 से मर्काहूर तक सड़क पर पुलिया निर्माण के लिए कुल 10 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। इनमें से लगभग 5 लाख रुपये सरपंच, सचिव और इंजीनियर ने मिलकर पंचायत चुनाव से पहले आहरण कर निजी खर्च में लगा दिए।
आरोप हैं,कि पैसे निकालने के बाद काम केवल दिखावे के लिए बंद कर दिया गया। सरपंच, सचिव और इंजीनियर ने मर्काहूर सड़क के बीचोंबीच नींव खोदकर छोड़ दी ताकि ग्रामीणों को लगे कि पुलिया निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। लेकिन सात से आठ महीने बीत जाने के बावजूद पुलिया निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना हैं,कि यह न केवल सरकारी धन का गबन हैं, बल्कि ग्राम पंचायत प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत का स्पष्ट उदाहरण हैं। इसके कारण मर्काहूर गांव आने-जाने वाली सड़क पर ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं।
🟠प्रशासन की प्रतिक्रिया:
कोयलीबेड़ा ब्लॉक के जनपद पंचायत सीईओ उदय नाग ने बताया कि संबंधित इंजीनियर ने जानकारी दी हैं,कि निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा,कि सरपंच और सचिव को नोटिस जारी किया जाएगा और सुविधा जनक जवाब न मिलने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
सीईओ ने आगे कहा,कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता हैं। उन्होंने आश्वासन दिया,कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि ग्रामीणों को न्याय मिले और विकास कार्य समय पर पूर्ण हो।
🟠ग्रामीणों की शिकायत:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया,कि विकास कार्य की आड़ में सरपंच, सचिव और ठेकेदार मिलकर शासन को लाखों रुपये का चुना लगा रहे हैं। उन्होंने कहा,कि पुलिया निर्माण अधूरा छोड़ने से उन्हें रोजाना मर्काहूर गांव आने-जाने में भारी परेशानी हो रही हैं।
🟠विशेष जानकारी:
🔸️पंचायत चुनाव से पहले पुलिया निर्माण के नाम पर राशि आहरण कर मजधार में छोड़ना स्पष्ट भ्रष्टाचार का संकेत हैं।
🔸️पुलिया निर्माण का काम न होने से स्थानीय लोगों को विशेषकर मानसून के दिनों में आवागमन में समस्याएं आ रही हैं।
🔸️प्रशासन ने सरपंच और सचिव को नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया हैं,और जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
🟠निष्कर्ष:
जयपुर पीव्ही 51 ग्राम पंचायत का यह मामला सरकारी धन के गबन और विकास कार्य में अनियमितताओं का स्पष्ट उदाहरण है। ग्रामीणों की रोजमर्रा की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।












