संदिली सिंह,रायपुर/छत्तीसगढ़,30सितंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ सरकार के “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” ने दूरस्थ वनांचलों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाकर एक नई मिसाल कायम की हैं। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) क्षेत्र में पंजीकृत सभी 87 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC) सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं।अभियान के अंतर्गत 15 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई, जिन्हें लोरमी मातृ एवं शिशु अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सोनोग्राफी सहित विशेष जांच उपलब्ध कराई गई।
🟠पीवीटीजी समुदाय में सुरक्षित मातृत्व की नई आशा
पहाड़ों और घने जंगलों के बीच रहने वाली बैगा समुदाय की महिलाएं, जो पहले प्रसव के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाती थीं, अब ए.एन.सी. जांच, पोषण परामर्श और संस्थागत प्रसव की तैयारी के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व से जुड़ रही हैं।102 महतारी एक्सप्रेस, मोबाइल मेडिकल यूनिट, मितानिन और ए.एन.एम. की सक्रिय भागीदारी ने इन सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई हैं।
🟠जागरूकता और स्वास्थ्य जांच
अभियान के दौरान महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, आयरन-फोलिक एसिड सेवन, संतुलित आहार पर परामर्श दिया गया। साथ ही सिकल सेल, टीबी, ब्लड प्रेशर, शुगर, सर्वाइकल और स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच भी की गई।
🟠प्रदेशव्यापी उपलब्धि
विशेष अभियान के तहत 24 से 26 सितंबर तक राज्यभर के 843 स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से 51 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें से 10 हजार से अधिक हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया। साथ ही 8,619 महिलाओं की सोनोग्राफी की गई।
🟠मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा
“स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और समाज की आधारशिला हैं। लोरमी क्षेत्र में सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एक ऐतिहासिक उपलब्धि हैं, जो मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।”
🟠स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा:
“लोरमी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में 100 प्रतिशत प्रसव पूर्व जांच पूरी होना हमारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को दर्शाता हैं। बैगा जैसी पीवीटीजी समुदाय की महिलाओं तक सुरक्षित मातृत्व की सुविधा पहुँचना सरकार की प्रतिबद्धता हैं। इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।”












