लाला जगदलपुरी मण्डप में समकालीन महिला लेखन पर सार्थक परिचर्चा

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,24जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis Newsरायपुर साहित्य उत्सव के पहले दिन लाला जगदलपुरी मण्डप में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के प्रथम सत्र में “समकालीन महिला लेखन” विषय पर गहन एवं सार्थक परिचर्चा संपन्न हुई। इस परिचर्चा में इंदिरा दांगी, श्रद्धा थवाईत, जया जादवानी तथा सोनाली मिश्र ने सहभागिता करते हुए,महिला लेखन की बदलती भूमिका और उसकी सामाजिक प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।

वक्ताओं ने कहा,कि समकालीन महिला लेखन अब केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया हैं, बल्कि यह समाज के यथार्थ, संघर्ष, असमानताओं और मानवीय संवेदनाओं को सशक्त रूप में सामने लाने का माध्यम बन चुका हैं। आज का स्त्री लेखन आत्मकथात्मक होने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन को भी प्रतिबिंबित करता हैं, जो पाठकों को सोचने और प्रश्न करने के लिए प्रेरित करता हैं।परिचर्चा के दौरान महिला सशक्तिकरण, समानता, सामाजिक न्याय तथा बदलते पारिवारिक और सामाजिक ढांचे जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि महिला लेखन ने साहित्य को नई भाषा, नए अनुभव और नए सरोकार प्रदान किए हैं, जिससे साहित्य अधिक समावेशी, संवेदनशील और यथार्थपरक बन सका हैं।

वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया,कि समकालीन महिला लेखन समाज में सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा हैं। यह न केवल स्त्री अनुभवों को स्वर देता है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करता हैं और भारतीय साहित्य को नई दृष्टि, नई संवेदना और नई दिशा प्रदान कर रहा हैं।

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