संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही हैं। लंबे समय से विवादों और चर्चाओं में बनी रहने वाली महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया हैं। शासन द्वारा लिया गया यह कड़ा फैसला पुलिस महकमे में हड़कंप मचा देने वाला हैं।
🟠क्या हैं पूरा मामला?
डीएसपी कल्पना वर्मा के खिलाफ पिछले कुछ समय से गंभीर शिकायतों का अंबार लगा हुआ था। उन पर मुख्य रूप से एक कारोबारी से अवैध रकम की उगाही करने का संगीन आरोप लगा था। शिकायत के बाद विभाग द्वारा आंतरिक जांच शुरू की गई थी, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए।
🟠जांच में हुआ बड़ा खुलासा : खुफिया जानकारी की जा रही थी लीक
निलंबन की कार्यवाही केवल उगाही के आरोपों तक सीमित नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक,जांच के दौरान यह बेहद गंभीर तथ्य सामने आया कि कल्पना वर्मा विभागीय खुफिया जानकारियां लीक करने में संलिप्त थीं। एक पुलिस अधिकारी द्वारा संवेदनशील सूचनाओं को बाहर साझा करना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता और पद के दुरुपयोग की श्रेणी में आता हैं,जिसे शासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लिया हैं।
🟠प्रमुख बिंदु जिन पर गिरी गाज:
🔸️अवैध वसूली: कारोबारी को डरा-धमका कर बड़ी रकम की मांग करना।
🔸️गोपनीयता भंग: विभाग की महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारियों को बाहरी तत्वों तक पहुँचाना।
🔸️छवि धूमिल करना: लगातार विवादों में रहने के कारण पुलिस प्रशासन की साख पर सवाल उठ रहे थे।
🟠शासन का सख्त संदेश
कल्पना वर्मा का निलंबन आदेश जारी करते हुए शासन ने स्पष्ट कर दिया हैं,कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सस्पेंशन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नियत कर दिया गया हैं और विभागीय जांच को और तेज कर दिया गया हैं।छत्तीसगढ़ पुलिस में इस कार्यवाही के बाद हड़कंप मचा हुआ हैं। अब देखना यह होगा कि विभागीय जांच में और कौन-कौन से बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं।












