संदिली सिंह,मलखानगिरी,ओडिशा,19फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
ओडिशा के मलखानगिरी जिला के MV-26 गांव में कथित रूप से 188 दलित बंगाली हिंदू परिवारों के घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को लेकर विवाद गहराता जा रहा हैं। घटना को लगभग तीन महीने बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों का आरोप हैं,कि राज्य और केंद्र सरकार की ओर से अब तक उन्हें कोई समुचित मुआवजा नहीं मिला हैं,और दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।पीड़ितों का कहना हैं,कि आदिवासी उपद्रवियों द्वारा उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया,जिससे वे पूरी तरह बेघर हो गए। प्रभावित परिवारों ने राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार से उचित मुआवजा, दोषियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की हैं। साथ ही, जिले के कथित लापरवाह अधिकारियों को निलंबित करने की भी मांग उठाई जा रही हैं।
🟠प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप
गांव के पीड़ित परिवारों का आरोप हैं,कि घटना के दौरान प्रशासन मूकदर्शक बना रहा और आगजनी रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना हैं,कि इतने बड़े नुकसान के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई हैं।
🟠आजाद बंग आर्मी के संस्थापक का बयान
इस मुद्दे को लेकर देशभर में बंगाली समुदाय की आवाज बनकर उभर रहे आजाद बंग आर्मी के संस्थापक सुब्रत कुमार बिस्वास ने भी कड़ा बयान दिया हैं। उन्होंने आरोप लगाया,कि MV-26 गांव में 188 घर जलते रहे और प्रशासन खड़ा देखता रहा,लेकिन उपद्रवियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई।सुब्रत बिस्वास ने यह भी आरोप लगाया,कि ओडिशा-छत्तीसगढ़ में उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों को रद्द किया गया है और स्थानीय समाजसेवियों को गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही है। उनका दावा हैं,कि प्रशासन उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा हैं।
🟠बंगाली समाज में आक्रोश
ओडिशा में कार्यक्रम रद्द होने और समाजसेवियों को कथित धमकियों की खबरों के बाद देशभर के बंगाली समाज में आक्रोश देखा जा रहा हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा इस मुद्दे पर विरोध और समर्थन अभियान चलाने की तैयारी की जा रही हैं।पीड़ित परिवारों ने स्पष्ट कहा हैं,कि जब तक उन्हें न्याय और मुआवजा नहीं मिलेगा, वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।












