संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,20फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने राज्य सरकार पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाते हुए सियासी तापमान बढ़ा दिया हैं। खनन, आदिवासी सुरक्षा, धान खरीदी, बिजली बिल और राज्यसभा सीट जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार को घेरा और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
🟠 जल, जंगल, जमीन पर ‘लूट’ का आरोप
अमरजीत भगत ने दावा किया,कि सरगुजा से बस्तर तक बड़े पैमाने पर खुदाई हो रही हैं और खनन के नाम पर आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही हैं। उन्होंने कहा, “जल, जंगल, जमीन आदिवासियों का मूल आधार हैं, लेकिन सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही हैं।”बलरामपुर माइनिंग विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया,कि एक आदिवासी की मौत हुई और कई ग्रामीण घायल हुए। अवैध खनन, रॉयल्टी में गड़बड़ी, खनिज सामग्री झारखंड भेजे जाने तथा अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत के भी आरोप लगाए। उन्होंने एसडीएम पर मारपीट कराने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
🟠धान खरीदी और ‘मूसवा’ विवाद
अमरजीत भगत ने धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करोड़ों का धान खराब हो रहा हैं, किसानों का धान समय पर नहीं खरीदा जा रहा और पीडीएस के तहत चावल वितरण में भी अनियमितता हैं।उन्होंने कहा कि बिजली बिल लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान है। “जनता जाए तो जाए कहां?”—यह सवाल उठाते हुए उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
🟠 राज्यसभा सीट और आदिवासी चेहरा
राज्यसभा सीट को लेकर भगत ने कहा,कि सरगुजा और बस्तर के बीच राजनीतिक संतुलन बना रहना चाहिए। आदिवासी चेहरे पर उन्होंने कहा,कि यह फैसला पार्टी हाईकमान करेगा, जिसे स्वीकार किया जाएगा।
उन्होंने माना कि फिलहाल भाजपा बढ़त में हैं,और कांग्रेस को संगठन मजबूत करने की जरूरत हैं।छत्तीसगढ़ की सियासत में इन आरोपों के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हैं।












